Solar Rooftop Subsidy Yojana- सौर ऊर्जा क्रांति का सूत्रधार

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सौर ऊर्जा क्रांति का सूत्रधार

भारत सरकार ने देश में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति लाने के लिए कई सराहनीय कदम उठाए हैं। उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण कदम है सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना। यह योजना न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है बल्कि आम जनता के बिजली के खर्च को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस ब्लॉग लेख में, हम सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना के बारे में विस्तार से जानेंगे। हम इस योजना के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सब्सिडी के प्रकारों के बारे में चर्चा करेंगे।

भारत में सोलर रूफटॉप सिस्टम की लागत

सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल बिजली उत्पादन का एक तेजी से बढ़ता हुआ तरीका है। भारत सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई सब्सिडी और योजनाएं प्रदान करती है। इनमें से एक है सोलर रूफटॉप सिस्टम सब्सिडी योजना। इस योजना के तहत, आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगा सकते हैं और सरकार से सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

लेकिन, सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने की लागत कितनी है?

  • सिस्टम का आकार: आप कितनी बिजली पैदा करना चाहते हैं, इसके आधार पर आपको सिस्टम का आकार चुनना होगा। एक किलोवाट का सिस्टम लगभग 30,000 रुपये से शुरू होता है, और 5 किलोवाट का सिस्टम 1,50,000 रुपये तक जा सकता है।
  • पैनल का प्रकार: सोलर पैनल विभिन्न प्रकार के होते हैं, जिनकी कीमतें भी भिन्न होती हैं। मोनोक्रिस्टलाइन पैनल सबसे कुशल होते हैं, लेकिन सबसे महंगे भी होते हैं। पॉलीक्रिस्टलाइन पैनल कम कुशल होते हैं, लेकिन सस्ते भी होते हैं।
  • इन्वर्टर का प्रकार: इन्वर्टर सौर ऊर्जा को परिवर्तित करके आपके घर के उपकरणों को चलाने योग्य बनाता है। इन्वर्टर की कीमत भी सिस्टम के आकार और प्रकार पर निर्भर करती है।
  • अन्य लागतें: इंस्टॉलेशन, वायरिंग, और अन्य सामग्री पर भी खर्च होता है।

औसतन, एक 1 किलोवाट के सोलर रूफटॉप सिस्टम की लागत 30,000 रुपये से 50,000 रुपये तक हो सकती है। 5 किलोवाट के सिस्टम की लागत 1,25,000 रुपये से 1,75,000 रुपये तक हो सकती है।

हालांकि, सरकार की सब्सिडी के कारण, सिस्टम की लागत काफी कम हो जाती है। भारत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 40% तक और शहरी क्षेत्रों में 20% तक सब्सिडी प्रदान करती है। इसका मतलब है कि एक 1 किलोवाट के सिस्टम पर आपको 12,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।

इसके अलावा, कई राज्य सरकारें भी अपनी खुद की सब्सिडी योजनाएं प्रदान करती हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार 40% तक की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करती है।

इस प्रकार, सोलर रूफटॉप सिस्टम की कुल लागत सरकार की सब्सिडी को ध्यान में रखते हुए काफी कम हो जाती है। उदाहरण के लिए, यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में 1 किलोवाट का सिस्टम लगाते हैं, तो आपको केवल 10,000 रुपये से 18,000 रुपये तक का खर्च करना पड़ सकता है।

सौर रूफटॉप सिस्टम के लाभ:

  • बिजली बिल की बचत: सोलर पैनल आपके घर की बिजली जरूरतों का एक हिस्सा पूरा करते हैं, जिससे आपके बिजली बिल में बचत होती है।
  • पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और पर्यावरण की रक्षा होती है।
  • सरकारी सब्सिडी: सरकार सोलर रूफटॉप सिस्टम पर सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे सिस्टम की लागत कम हो जाती है।
  • दीर्घकालिक लाभ: सोलर पैनल 25 साल तक या उससे अधिक समय तक चल सकते हैं, जिससे आपको दीर्घकालिक लाभ मिलता है।

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना क्या है?

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसके तहत आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत, सरकार कुल सिस्टम लागत का एक निश्चित प्रतिशत सब्सिडी के रूप में प्रदान करती है।

इस योजना के लाभ:

  • बिजली के बिल में बचत: सोलर पैनल लगाने से आप अपनी खुद की बिजली पैदा कर सकते हैं, जिससे आपके बिजली के बिल में काफी बचत होती है।
  • पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। सोलर पैनल लगाने से आप पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे सकते हैं।
  • सरकारी सब्सिडी: इस योजना के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी से सोलर पैनल लगवाने का खर्च कम हो जाता है।
  • आत्मनिर्भरता: सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने से आप अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए ग्रिड पर निर्भर नहीं रहते हैं।
  • बढ़ती संपत्ति का मूल्य: सोलर रूफटॉप सिस्टम से लैस घर का बाजार मूल्य बढ़ जाता है।

पात्रता:

  • यह योजना भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास अपना खुद का घर होना चाहिए।
  • आपकी छत सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त होनी चाहिए।
  • आपके पास एक वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया:

  • सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपको राष्ट्रीय सौर ऊर्जा पोर्टल पर जाना होगा।
  • पोर्टल पर आपको अपना पंजीकरण कराना होगा और आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
  • आपको एक सौर ऊर्जा प्रणाली विक्रेता का चयन करना होगा।
  • विक्रेता आपके घर का सर्वेक्षण करेगा और आपके लिए एक सौर ऊर्जा प्रणाली डिजाइन करेगा।
  • प्रणाली डिजाइन होने के बाद, आपको आवेदन पत्र जमा करना होगा और सब्सिडी के लिए अनुरोध करनी होगी।
  • आवेदन पत्र स्वीकृत होने के बाद, विक्रेता आपकी छत पर सोलर पैनल लगाएगा।
  • सिस्टम इंस्टॉलेशन के बाद, आपको बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) को सूचित करना होगा।
  • DISCOM आपके सोलर रूफटॉप सिस्टम का निरीक्षण करेगा और इसे ग्रिड से जोड़ेगा।

सब्सिडी के प्रकार:

  • केंद्र सरकार की ओर से सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को 40% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • कुछ राज्यों में अतिरिक्त राज्य स्तरीय सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।
  • इस योजना के तहत ऋण सुविधा भी उपलब्ध है।

Solar Rooftop Subsidy Yojana Bihar

वितरण कंपनियाँ टेंडर के माध्यम से चयन करेंगी जो Solar Rooftop सब्सिडी योजना के तहत छत पर सोलर पैनल लगाने का काम करेंगी। चुनी गई कंपनी 5 साल तक लगे सोलर पैनलों की देखभाल करेगी जो 25 साल तक काम करेंगे।

Solar Rooftop Subsidy Yojana Bihar कंपनियों द्वारा राज्य में 10-10 मेगावाट के Solar Rooftop सन ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की जाएगी। आवेदन के लिए http://sbpdcl.co.in और http://nbpdcl.co.in पर जाएं।

बिहार सरकार घरेलू ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए चार्जर्स पर अनुदान प्रदान कर रही है। यहाँ तक कि डीलरों द्वारा भी प्रायोजन राशि को कम किया जा रहा है। व्यापारियों को भी वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा, और इसका वितरण लोक प्राधिकरण के माध्यम से होगा।

क्र.संविवरण
1छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए आवश्यक स्थान: 100 वर्ग फुट
2बिना सब्सिडी के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने की लागत: रु. 60 हजार से रु. 70 हजार
330% सब्सिडी कटौती के बाद कितनी राशि का भुगतान करना होगा: रु. 42 हजार से रु. 49 हजार
4उत्पादन आधारित प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कितनी बिजली उत्पन्न करने की आवश्यकता है? 1,100 से 1,500 Kwh/Kwp प्रति वर्ष
5इस योजना के तहत उपभोक्ता कितना कमा सकते हैं? लगभग रु. 2 हजार से रु. 3 हजार प्रति वर्ष
छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र के बारे में विवरण (विनिर्देश)

आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज

राष्ट्रीय सौर ऊर्जा पोर्टल आपके आवेदन का केंद्र है। यहां कदम दर कदम देखें:

1. पंजीकरण: पोर्टल पर जाएं और अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM), बिजली उपभोक्ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करके पंजीकरण करें।

2. सिस्टम चयन: आप आवासीय, औद्योगिक या व्यावसायिक श्रेणी में से अपना प्रकार चुनें। फिर अपनी खपत के आधार पर अनुमानित सिस्टम क्षमता (kWp) तय करें। पोर्टल आपके संभावित लाभ की भी गणना करेगा।

3. विक्रेता चयन: पोर्टल आपको आपके क्षेत्र के पंजीकृत और अनुमोदित सौर ऊर्जा प्रणाली विक्रेताओं की सूची दिखाएगा। अपने बजट और अनुभव के आधार पर एक विक्रेता चुनें।

4. तकनीकी सर्वेक्षण: विक्रेता आपके घर का निरीक्षण करेगा, छत के कोण और आकार का आकलन करेगा, साथ ही ग्रिड कनेक्शन की व्यवस्था की भी जांच करेगा। सर्वेक्षण के आधार पर वे सिस्टम डिजाइन तैयार करेंगे।

5. आवेदन पत्र और सब्सिडी अनुरोध: विक्रेता आपको आवश्यक फॉर्म और दस्तावेज जैसे, पहचान पत्र, बिजली बिल, छत की लेआउट योजना आदि उपलब्ध कराएगा। पोर्टल पर फॉर्म भरें और सब्सिडी के लिए अनुरोध करें।

दस्तावेज:

  • पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)
  • बिजली बिल
  • छत की लेआउट योजना
  • बैंक खाता विवरण

नियम और शर्तें:

  • सब्सिडी के नियम और शर्तें विभिन्न राज्यों और सिस्टम क्षमता के आधार पर भिन्न हो सकती हैं। आवेदन करने से पहले पोर्टल या आपके चुने हुए विक्रेता से विस्तृत जानकारी प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
  • कुछ महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल हैं:
    • सब्सिडी केवल नए सौर ऊर्जा प्रणालियों पर ही लागू होती है।
    • सिस्टम को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित मानकों का पालन करना चाहिए।
    • कुछ राज्यों में सिस्टम क्षमता और उपभोक्ता श्रेणी के आधार पर सब्सिडी सीमा लागू हो सकती है।
    • सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में जमा की जाएगी।

अतिरिक्त सुझाव:

  • आवेदन करने से पहले विभिन्न विक्रेताओं से कोटेशन लें और तुलना करें।
  • सिस्टम प्रदर्शन, वारंटी और रखरखाव सेवाओं जैसे कारकों पर विचार करें।
  • सौर ऊर्जा ऋण विकल्पों के बारे में पूछें, जो सिस्टम लागत को और कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • सिस्टम इंस्टॉलेशन के बाद, निर्माता और विक्रेता द्वारा जारी वारंटी कार्ड और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखें।

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना आपके स्वच्छ ऊर्जा यात्रा की शुरुआत करने का एक शानदार तरीका है। पूरी प्रक्रिया में थोड़ा समय और प्रयास लग सकता है, लेकिन दीर्घकालिक लाभ निश्चित रूप से इसके लायक हैं। तो आगे बढ़ें, पोर्टल पर पंजीकरण करें और स्वच्छ, हरित भविष्य की ओर अपना कदम बढ़ाएं!

नोट: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और आपके राज्य या क्षेत्र में विशिष्ट नियम और शर्तें भिन्न हो सकती हैं। सटीक जानकारी के लिए कृपया राष्ट्रीय सौर ऊर्जा पोर्टल या अपने DISCOM से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और उनके उत्तर:

प्रश्न: 2023 में सौर ऊर्जा पर सब्सिडी क्या है?

उत्तर: भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा प्रणालियों पर सब्सिडी प्रदान करती है. सटीक सब्सिडी राशि आपके राज्य, सिस्टम के प्रकार और क्षमता पर निर्भर करती है. उत्तर प्रदेश में, आपके 3kW सिस्टम के लिए सब्सिडी राशि लगभग 30,000 रुपये से 40,000 रुपये तक हो सकती है. अधिक जानकारी के लिए, कृपया निकटतम नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) कार्यालय या अपने राज्य के नोडल एजेंसी से संपर्क करें.

प्रश्न: 3kW सौर रूफटॉप की कीमत क्या है?

उत्तर: 3kW सौर रूफटॉप सिस्टम की कीमत लगभग 1,20,000 रुपये से 1,50,000 रुपये तक हो सकती है. यह पैनल के ब्रांड, सिस्टम के प्रकार, इन्वर्टर की क्षमता और अन्य कारकों पर निर्भर करता है. सब्सिडी के बाद, 3kW सौर रूफटॉप सिस्टम की अंतिम लागत लगभग 80,000 रुपये से 1,10,000 रुपये तक हो सकती है.

प्रश्न: क्या 3kW सौर पैनल एक घर के लिए पर्याप्त है?

उत्तर: यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके घर में कितनी बिजली की खपत होती है. भारत में एक औसत घर लगभग 1kW से 2kW बिजली की खपत करता है. यदि आपका बिजली का उपयोग 3kW से कम है, तो हाँ, 3kW सौर पैनल पर्याप्त हो सकता है. हालाँकि, यदि आपका बिजली का उपयोग अधिक है, तो आपको उच्च क्षमता वाले सिस्टम की आवश्यकता होगी.

प्रश्न: 1kW सौर प्रणाली की लागत क्या है?

उत्तर: 1kW सौर प्रणाली की कीमत लगभग 40,000 रुपये से 50,000 रुपये तक हो सकती है. सब्सिडी के बाद, लागत लगभग 20,000 रुपये से 30,000 रुपये तक कम हो सकती है.

प्रश्न: क्या 1kW सौर पैनल AC चला सकता है?

उत्तर: हां, 1kW सौर पैनल एक छोटा एसी चला सकता है, खासकर दिन के दौरान जब सूरज चमक रहा हो. हालाँकि, यह एसी के प्रकार और उसकी बिजली की खपत पर निर्भर करता है. एक इन्वर्टर की भी आवश्यकता होगी जो सौर ऊर्जा को आपके घर के उपकरणों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एसी करंट में बदल सके.

प्रश्न: क्या 1kW सौर पैनल एक घर चलाने के लिए पर्याप्त है?

नहीं, 1kW सौर पैनल आमतौर पर एक पूरे घर को चलाने के लिए पर्याप्त नहीं होता है. अधिकांश घरों को कम से कम 3kW से 5kW सौर प्रणाली की आवश्यकता होती है.

प्रश्न: 2kW में कितने AC चल सकते हैं?

यह एसी के प्रकार और उनकी बिजली की खपत पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए, 2kW सौर प्रणाली दो छोटे, ऊर्जा-कुशल एसी या एक बड़े, मानक एसी चला सकती है.

प्रश्न: 4kW में कितने AC चल सकते हैं?

4kW सौर प्रणाली चार छोटे एसी, दो बड़े एसी या एक बड़े एसी और कुछ अन्य छोटे उपकरण चला सकती है. यह आपकी विशिष्ट जरूरतों पर निर्भर करता है.

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